परिभाषा :- अंगारक योग: - मंगल कुम्भ राशि में गोचर करेंगे और राहु कुम्भ राशि में पहले से स्थित हैं l मंगल धनिष्ठा नक्षत्र में स्थित हैं और राहु शतभिषा नक्षत्र में स्थित हैं l धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु है l मंगल और राहु कुम्भ में स्थित होने से अंगारक योग बना रहे हैं l
अंगारक योग में जन्म लेने वाले जातक शक्तिशाली, मिलनसार, महत्वाकांक्षी, धर्मपरायण, कभी कभी अपने कर्तव्यों से दूर बना लेता है l दांपत्य जीवन अच्छा नहीं मानते हैं l वैवाहिक जीवन में सुख में कमी हो सकती हैं l विचित्र आकर्षण, कुशल, सत्यनावेशी, सनसनी फैलाने वाले, दूसरों को भेदपाने में सक्षम होता हैं l दूरदर्शी, समन्वयवादी, विश्लेषक, कभी कभी आलस्य और नशाखोरी का शिकार हो जाता हैं l
अभ्युक्तिया :- मंगल शौर्य, वीरता एवं जोखिम उठाने वाले होते हैं l युद्ध, सैन्य अधिकारी और शस्त्र धारी सैनिकों को दर्शाता हैं l विनाशात्मक , अग्नि तत्व, लाल रंग, रक्त, बिजली , बारूद, तोप, बन्दूक, तलवार, चोट, आग लगना, परमाणु हथियार, राहु आकस्मिक घटनाओं घटती , छल कपट, झूठ, एवं रहस्यों को उजागर करता हैं l शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु है l नाटकीय ढंग, व्यापार को बढ़ाने में बढ़ा चढ़ा कर और रोचक ढंग बतलाना, आज कल के दौर में हमारा मीडिया यही भूमिक अदा कर रहा है l वायु तत्व, सनसनी फैलाना, कुम्भ राशि में ज्यादा क्रिया शील कसाई जाति का माना जाता हैं l